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कृषि प्रोद्योगिकी सूचना केन्द्र, वाराणसी :

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा सन 2002 में किसानों एवं अन्य आगन्तुकों के सुविधा के लिए एकल खिड़की सेवा की संस्तुति दी गयी एवं 12 जनवरी, 2005 को संस्थान परिसर में यह सेवा कृषि प्रोद्योगिकी सूचना केन्द्र के रूप में प्रारम्भ की गयी l इसके अंतगर्त एक स्थान से संस्थान द्रारा विकसित उन्नत सस्य तकनीकी ज्ञान एवं सब्जी उत्पादन संबन्धित सलाह भी दिये जाते है l इसके अलावा उत्कृष्ठ प्रशिक्षण केन्द्र के अंतर्गत समय- समय पर प्रगतिशील किसानों एवं कृषि अधिकारियों को सब्जी उत्पादन के विभन्न आयामों पर प्रशिक्षण दिया जाता है l

कृषि विज्ञान केन्द्र, सरकटिय, कुशीनगर :

जनपद आस-पास के क्षेत्र में सब्जियाँ एवं अन्य कृषि विकास हेतु वर्ष 2005 में कृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना सब्जी बीज उत्पादन केन्द्र के 50 एकड़ छेत्र मैं कइया गया । इस केनद्र का मुख्य उद्देश्य जनपद आस-पास के क्षेत्रों के किसान अन्य कृषि संबाधनित लोगों को कृषि के विभिन्न क्षेत्र में प्रशिक्षण देना, कृषि के नये तकनीकों का किसानों के प्रक्षेत्र पर प्रदर्शन करना, किसान मेला, किसान गोष्ठी एवं अन्य कृषि तकनीकी हस्तांतरण कर्यक्रम आयोजित करना है l

कृषि विज्ञान केन्द्र, संत रविदास नगर :

कृषि के उत्थान हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्रारा कृषि विज्ञान केन्द्र, बेजवान, संत रविदास नगर की स्वीकृति 22 दिसम्बर, 2008 को की गई जिसका संचालन भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के द्वारा किया जा रहा है l इस केन्द्र का शिलान्यास डॉ. मंगला राय, महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) एवं सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के कर कमलों द्वारा 27 फरवरी, 2009 को सम्पन्न हुआ l कृषि विज्ञान केन्द्र का मूलभूत आधार प्रोद्योगिकी एवं तकनीकी उत्पादों का कृषि वर्ग के मध्य मूल्यांकन, परिमार्जन एवं प्रदर्शन द्वारा हस्तांतरण है ।

कृषि विज्ञान केन्द्र, देवरिया :

इस केन्द्र का शिलान्यास, डॉ. मंगला राय, महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) एवं सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के कर कमलों द्वारा 2 मार्च, 2009 को सम्पन्न हुआ l यह केन्द्र वैज्ञानिकों एवं किसानों को जोड़ने की प्रभावशाली कड़ी के साथ –साथ कृषि प्रोद्योगिकी के हस्तांतरण में अहम भूमिका निभा रही है l

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